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Tuesday, June 24, 2014

एक Cutting सपना



प्यास लगी थी 
तो खुली आखों से कुछ सपने देखने चला गया 
रोज़ ही की तरह पृथ्वी की ऒर 

भैया, एक गिलास सुलेमानी देना 
क्या? नहीं है?
चलो, फिर एक खाली गिलास ही दे दो 

और जा बैठा इन चमचमाती केतलियों के नीचे 
केत्लियान, जिनमे से सपने बह रहे थे 

भैया, एक cutting सपना दे दो 
कई रातों से सोया नहीं हूँ  

Friday, August 31, 2012

एक कप सुलेमानी



चलो आओ एक सुलेमानी पे  
याद करें कुछ भूली बातें  
बात करें कुछ यादों की  
कुछ भूले हुए किताबों से   

चलो आओ एक सुलेमानी पे  
किताब पढ़ें कोई  
तलाशें उन पन्नो को मिल के  
खो गए थे जो इतिहास में   

चलो आओ एक सुलेमानी पे  
भुला दें वो गिले शिकवे हम  
यारों की महफ़िल जमाएं  
बेग़राज वो दिन फिर जी जायें   

यारा, दो सुलेमानी और ले आ  
की कापुच्चिनो में वो बात कहाँ  
पृथ्वी के इन बेंचों पर  
आजा भुलाके सारा जहान ।