Tuesday, January 31, 2012

Mutilated and Scattered





तोड़ आया था मैं कल
कुछ ख्वाब
और उनके साथ कुछ सपने

जला दिए थे मैं कल
कुछ ख़त
और उनके साथ वह लम्हे

फाड़ दीं थी मैंने कल
वह तस्वीर
और उसके साथ जुड़े वह पल

कुचल आया था मैं कल
ऐक दिल
और उसके लाखों अरमां

काट आया था मैं कल
ऐक रिश्ता
और उसकी नसें

जलाई दीं मैंने कल
वह लाशें

बिखरा कर आ रहा हूँ
उसके अवशेष

अख़बार में पढ़ लेना कल
मेरे मौत का चर्चा |

Mutilated and Scattered. 
Some Dreams. Some Letters. Some Photographs. A Heart. A Relationship.
I had cremated a cadaver yesterday.  
Do read it tomorrow. The story of my Death.


5 comments:

  1. The punkymoods emoticon doesnt match this post :P

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  2. @Karthik: The icon tells about the poet, not the poem.

    @Ahmedabadonnet: Thanks.

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